Tuesday, June 6, 2017

अधार्मिक विकास से शहर बन रहे है नरक

जीता-जागता नरक बनता जा रहा है गुरुग्राम: स्टडी


गुरुग्राम
गुरुग्राम में तेजी से हो रहे शहरीकरण और संसाधनों के दोहन को लेकर एक स्टडी में चेतावनी दी गई है। स्टडी के मुताबिक, अगर गुरुग्राम के विकास का धारणीय मॉडल नहीं अपनाया गया तो गुरुग्राम जीता-जागता नरक बन जाएगा। सेंटर फॉर साइंस ऐंड इन्वायरनमेंट्स (सीएसई) और गुड़गांव फर्स्ट नाम की एक एनजीओ ने यह स्टडी कराई है।

स्टडी के मुताबिक, बीते सालों में शहर में प्रदूषण कई गुना बढ़ गया है। यहां दिल्ली से भी ज्यादा प्रदूषण है, जिसे फैलाने में सबसे बड़ा हाथ गाड़ियों का है। दिल्ली के मुकाबले गुरुग्राम में प्रति 1000 व्यक्ति पर चार गुना ज्यादा गाड़ियां हैं और चिंताजनक बात यह है कि शहर की ऊर्जा की जरूरत ज्यादातर डीजल से पूरी की जाती है।

सीएसई की अनुमिता रॉय चौधरी ने बताया, 'गुरुग्राम में डीजल से चलने वाले 10,000 जेनरेटर सेट्स हैं। एक जेनरेटर सेट से चार भारी कमर्शल गाड़ियों के बराबर धुआं निकलता है। डीजल के जेनरेटर सेट्स के स्थान पर सोलर पावर पैदा करने पर जोर देने की जरूरत है। इस सोलर एनर्जी का उस समय इस्तेमाल किया जा सकता है, जब बिजली कटौती हो।'


अनुमिता चौधरी ने गुरुग्राम की समस्या पर एक किताब लिखी है, जिसका नाम 'गुरुग्राम: अ फ्रेमवर्क फॉर सस्टेनेबल डिवेलपमेंट' है। इस पुस्तक में प्रदूषण की समस्या से निपटने के हल भी सुझाए गए हैं। गुरुवार को इस पुस्तक का विमोचन हुआ है। पुस्तक में उल्लेख किया गया है, 'इस तरह के ग्रोथ के कारण पानी, बिजली, परिवहन के साधन का दोहन हो रहा है जिससे कचरों का पहाड़ बनता जा रहा है। अगर इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो गुरुग्राम जीता-जागता नरक बन जाएगा।'

Thursday, April 6, 2017

मुसलमान मारे मुसलमानों ने ही

इतने मुसलमान किसी और ने नहीं मारे जितने मुसलमान ने ही मारे....



सीरिया केमिकल अटैक: 9 महीने के जुड़वा बच्चों सहित एक ही परिवार के 22 सदस्य मरे


http://navbharattimes.indiatimes.com/world/asian-countries/syria-chemical-attack-22-members-of-a-family-dead-including-nine-months-old-twins-inconsolable-father-bids-farewell/articleshow/58041600.cms






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सीरिया: गैस हमले के समय सोये हुए थे ज्यादातर पीड़ित, नींद में ही तोड़ दिया दम


http://navbharattimes.indiatimes.com/world/asian-countries/syria-chemical-attack-witnesses-shares-trauma-people-breath-last-in-sleep/articleshow/58046335.cms


2016 के बाद इस्लामिक स्टेट की सबसे बड़ी मास कीलिंग, 33 की हत्या


http://navbharattimes.indiatimes.com/world/asian-countries/isis-executes-33-people-in-largest-mass-killing-since-2016/articleshow/58050160.cms


Monday, February 20, 2017

दुनिया में सबसे बड़ा शस्त्र आयातक है भारत: सीपरी

दुनिया में सबसे बड़ा शस्त्र आयातक है भारत: सीपरी


स्टॉकहोम के एक थिंकटैंक ने कहा कि भारत पिछले पांच साल में बड़े हथियारों का दुनिया का सबसे बड़ा आयातक रहा है और विदेशों से उसकी शस्त्र खरीद चीन और पाकिस्तान से अधिक है। स्टॉकहोम इंटरनैशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीपरी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 2012 से 2016 के बीच दुनिया के कुल आर्म्स इंपोर्ट में भारत की हिस्सेदारी 13 प्रतिशत रही जो सभी देशों में सर्वाधिक है।

रिपोर्ट के अनुसार, चीन स्वदेशी उत्पादन के साथ शस्त्र आयात को कम करने में सफल रहा है, वहीं भारत रूस, अमेरिका, यूरोप, इस्राएल और दक्षिण कोरिया की वेपंस टेक्नॉलजी पर निर्भर बना हुआ है। इस संगठन का कहना है, 'भारत 2012 से 2016 में बड़े हथियारों का दुनिया का सबसे बड़ा आयातक था और दुनिया के कुल आयात में 13 प्रतिशत हिस्सेदारी उसकी रही।' रिपोर्ट के अनुसार, 2007-2011 और 2012-16 के बीच भारत का शस्त्र आयात 43 प्रतिशत बढ़ गया और पिछले चार साल में उसकी वैश्विक खरीद उसके क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों चीन और पाकिस्तान से कहीं अधिक थी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले पांच साल में बड़े हथियारों का व्यापार शीतयुद्ध के बाद से सर्वाधिक हो गया है और इसकी मुख्य वजह पश्चिम एशिया और एशिया में मांग में तेजी आना है। रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2012-16 के दौरान दुनिया के कुल आर्म्स एक्सपोर्ट में रूस की भागीदारी 23 प्रतिशत रही और इसका 70 फीसदी निर्यात भारत, वियतनाम, चीन और अल्जीरिया को हुआ।

इस दौरान अमेरिका एक तिहाई हिस्सेदारी के साथ दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक देश रहा। इसका करीब-करीब आधा माल मध्य पूर्व के देशों में पहुंचा। रिपोर्ट में कहा गया है कि वैश्विक हथियार निर्यात में चीन की हिस्सेदारी 2007-11 के 3.8 प्रतिशत से बढ़कर 2012-16 में 6.2 प्रतिशत हो गयी है। रिपोर्ट कहती है, 'यह (चीन) अब फ्रांस (6 प्रतिशत) और जर्मनी (5.6 प्रतिशत) की तरह टॉप-टीयर का सप्लायर बन चुका है।'


http://navbharattimes.indiatimes.com/india/india-is-worlds-largest-arms-importer-sipri/articleshow/57260649.cms

होम्योपथी और आयुर्वेद काउंसिल को बंद करना चाहता है नीति आयोग

होम्योपथी और आयुर्वेद काउंसिल को बंद करना चाहता है नीति आयोग



देश के मेडिकल सिस्टम को बेहतर बनाने की कोशिश के तहत नीति आयोग सेंट्रल काउंसिल ऑफ होम्योपथी (CCH) और सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडियन मेडिसिन (CCIM) को बंद करने की सिफारिश कर सकता है। एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने ईटी को बताया कि आयोग दो नए बिलों पर काम कर रहा है, जिनमें स्वास्थ्य मंत्रालय के तहत आने वाली इन दोनों काउंसिलों को बदलने के सुझाव हैं। ये काउंसिल देश में होम्योपथी और आयुर्वेद सहित चिकित्सा की भारतीय पद्धतियों में उच्च शिक्षा पर नियंत्रण करती हैं।

दशकों पुरानी इन काउंसिलों के स्थान पर एक नया संगठन बनाने के सुझाव वाला एक ड्राफ्ट बिल तैयार है, लेकिन इस बारे में अंतिम फैसला नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया की अगुवाई वाला पैनल लेगा। इस पैनल का गठन हेल्थ मिनिस्ट्री के तहत आने वाले आयुष विभाग में बड़े सुधारों का सुझाव देने के लिए किया गया है। पैनल ने पिछले वर्ष मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से मेडिकल एजुकेशन के खराब रेग्युलेशन की समस्या पर विचार किया था और इसके स्थान पर नैशनल मेडिकल कमीशन बनाने का सुझाव दिया था। इस प्रपोजल को अनुमति के लिए कैबिनेट के पास भेजा जाएगा। इसके बाद इसे संसद में पेश किया जाएगा।


http://navbharattimes.indiatimes.com/india/niti-aayog-wants-axe-on-homoeopathy-ayurveda-bodies/articleshow/57261917.cms

Wednesday, February 15, 2017

मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार मंदिरों को प्रशासन के अधीन....

मध्यप्रदेश संत एवं पुजारी संयुक्त महासंघ मठ-मंदिरों की जमीन को प्रशासन के अधीन करने के सरकार के प्रस्ताव के खिलाफ दो दिन से मुख्यमंत्री निवास के नजदीक धरना दे रहा था। प्रदेश भर से आये सैकड़ों साधु संत इस धरने में शामिल थे।

साधु-संतों का आरोप यह भी है कि मध्यप्रदेश की बीजेपी सरकार मंदिरों के मामले में लगातार हस्तक्षेप कर रही है, उसकी साजिश मंदिरों को प्रशासन के अधीन लाना है।

ये हैं प्रमुख मांगें
मठ-मंदिरों का प्रबंधक कलेक्टर को हटाकर सरकारीकरण रोका जाए।
मठ-मंदिरों के संबंध में सरकार द्वारा लाए जा रहे विधेयक को निरस्त किया जाए।
मंदिरों की भूमि पर किए गए अतिक्रमण हटाए जाएं।
मंदिरों की कृषि भूमि की नीलामी पर स्थाई रूप से रोक लगाई जाए।
गौचर भूमि को मुक्त कराकर गौ शालाओं को दी जाए व गुरू-शिष्य परंपरा का ध्यान रखते हुए मंदिरों में पुजारी व उत्तराधिकारी के नामांतरण की नीति बनाई जाए।

http://navbharattimes.indiatimes.com/state/madhya-pradesh/bhopal/indore/sadhus-withdraw-stir-against-mp-bill-on-cms-assurance/articleshow/57171728.cms

Monday, June 27, 2016

गोमूत्र में मिला सोना

सोने का अंडा देने वाली मुर्गी बनीं गिर की गायें, गोमूत्र में मिला सोना


जूनागढ़
गिर की गायें सोने का अंडा देने वाली मुर्गी बन गई हैं! जूनागढ़ ऐग्रिकल्चरल यूनिवर्सिटी(JAU) को गिर की गायों के यूरिन में सोना मिला है। चार साल की रीसर्च के बाद यह बात सामने आई है कि पवित्र गाय भी सोने का अंडा देती है। यूनिवर्सिटी की फूड टेस्टिंग लैब में 400 गिर गायों के यूरिन की जांच की गई। इस जांच में प्रति लीटर यूरिन में 3 से 10 मिली ग्राम सोने की मात्रा पाई गई। गायों के यूरिन में यह कीमती धातु आयन(गोल्ड सॉल्ट) के रूप में मिली जो घुलनशील होती है।

जेएयू के बायोटेक्नॉलजी विभाग के प्रमुख डॉ. बीए गोलकिया की अगुवाई में रीसर्च टीम ने यूरिन के नमूनों की गैस क्रोमैटग्रफी-मास स्पेक्ट्रोमेट्री(जीसी-एमएस) प्रक्रिया के से जांच की।

डॉ. गोलकिया ने कहा, 'अब तक शास्त्रों में ही इस बात का जिक्र था कि गाय के यूरिन में सोना होता है और उसमें चिकित्सकीय गुण होते हैं। लेकिन, इसे साबित करने के लिए कोई वैज्ञानिक विश्लेषण नहीं किया गया था। इसलिए हमने इस पर काम करने का सोचा। हमने गिर की 400 गायों का यूरिन सैंपल लिया और उनमें हमें सोने के अंश मिले।'

गोलकिया ने आगे बताया, 'गाय के यूरिन से मिलने वाले सोने को केमिकल प्रॉसेस के जरिए ठोस रूप दिया जा सकता है।' रीसर्चरों ने इसी क्रम में ऊंटों, भैंसों, भेड़ों और बकरियों के यूरिन के सैंपलों की भी जांच की लेकिन उनमें ऐसा कोई तत्व नहीं पाया गया।

गोलकिया के मुताबिक, गिर की गायों के यूरिन में 5,100 कंपाउंड मिले हैं जिनमें से 388 में कई बीमारियां दूर करने के चिकित्सकीय गुण हैं। गोलकिया की रीसर्च टीम अब देश में पाई जाने वाली सभी नस्लों की गायों के यूरिन की जांच करेगी।



http://navbharattimes.indiatimes.com/state/gujarat/ahmedabad/holy-cow-junagadh-agricultural-university-scientists-find-gold-in-gir-cow-urine/articleshow/52950306.cms

Tuesday, January 19, 2016

सुखद परिवर्तन - हिन्दू अपनी सोच बदल रहा है

सुखद परिवर्तन - हिन्दू अपनी सोच बदल रहा है

नव भारत टाइम्स की खबर वाकई सुखद पर प्रेश्या मीडिया का जोर हमेशा की तरह अलग ही दृष्टिकोण पर है.
ये वार का प्रतिवार है.

पढ़े ये खबर.........................

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देश की राजधानी के बाहरी इलाके और उत्तराखंड के बॉर्डर तक हिन्दू स्वाभिमान सेना ट्रेनिंग देकर अपनी धर्म सेना के कुनबे को इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई छेड़ने के नाम पर बढ़ा रही है। इनका मानना है कि आईएस 2020 तक पश्चिमी उत्तर प्रदेश को अपने कब्जे में ले लेगा। हिन्दू स्वाभिमान सेना के नेताओं ने दावा किया कि 15,000 सैनिक पहले से ही अपनी सुरक्षा और आस्था के लिए मरने को तैयार हैं।

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक टीम ने एक हफ्ते में इनके चार कैंपों का दौरा किया। ये कैंप सांप्रदायिक रूप से बेहद संवेदनशील पश्चिमी उत्तर प्रदेश में फैले हैं। इस संगठन की लिस्ट में बच्चों को भी शामिल किया गया है। कुछ की तो उम्र महज आठ साल हो रही है। सभी को तलवार और बंदूक चलाने की शिक्षा दी जा रही है। गाजियाबाद जिले के डासना स्थित एक मंदिर में इस संगठन का हेडक्वॉर्टर है और इसके नेता यहीं मिलते हैं। इन नेताओं ने दावा किया कि इनकी संख्या लगातार बढ़ रही है। इनके 50 ट्रेनिंग कैंप हैं जिनमें कुछ गुप्त हैं और अन्य बमहेता, रोरी में चल रहे हैं। यहां खुलेयाम पुरुषों, महिलाओं, लड़के, लड़कियों को ट्रेनिंग दी जा रही है।


मेरठ सिटी में इनके तीन कैंप चल रहे हैं और अकेले मुजफ्फरनगर में इनके पांच कैंप हैं। विश्व हिन्दू परिषद और दुर्गा वाहिनी के अलावा हिन्दू स्वाभिमान के नेता चेतन शर्मा ने टीओआई से कहा, 'हमारे लक्ष्य सरल हैं- युवाओं को पकड़ो। हम पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कम से कम 50 ट्रेनिंग सेंटर चला रहे हैं। हमारे छात्रों की उम्र 8 से 30 साल के बीच की है। हम बच्चों को सीधे तलवार और बंदूक नहीं देते हैं। पहले 6 महीने तक हम इन्हें मानसिक प्रशिक्षण देते हैं। हम इन्हें गीता के छंदों को सिखाते हैं। हिन्दुओं को मौत से डर नहीं लगता क्योंकि वह फिर से जन्म लेता है। यहां बच्चे बहुत निडर हैं।' आठ साल की सीमा कुमारी (बदला हुआ नाम) ने कहा, 'हम युद्ध सीख रहे हैं क्योंकि हमारी माताएं और बहनें संकट में हैं। अपनी सुरक्षा के साथ-साथ मैं उनकी भी रक्षा करूंगी।'

एक 9 साल के बच्चे ने अपनी भावनाओं को बड़ी मजबूती के साथ कहा, 'सरकारें विफल रही हैं इसलिए हम हथियार उठाने पर बेबस हैं। भारत में आतंकियों के हमले के चलते हिन्दू स्वाभिमान को युवाओं के मन को भ्रमित करने का अवसर मिलता है। मोदीनगर के पास रोरी गांव के हिन्दू स्वाभिमान कैंप में भूतपूर्व सैनिक परमिंदर आर्य बच्चों को ट्रेनिंग दे रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हमारी ट्रेनिंग सिंपल है। हम भारत में आतंकी गतिविधियों को लेकर बच्चों को बताते हैं। बच्चों के बीच पठानकोट में आतंकी हमले को लेकर खूब चर्चा की गई है।'

परमिंदर आर्य ने कहा, 'वे इस्लामिक कट्टरता का बदसूरत चेहरा दिखा रहे हैं। ये हिन्दुओं के लिए खतरा हैं। आर्मी के दिनों में मैं कश्मीर में पोस्टेड था। आधी इंडियन आर्मी घाटी में तैनात है लेकिन ये अभी तक कश्मीरी पंडितों के पलायन नहीं रोक सके। ये ऐसी कुछ चीजें हैं जिन्हें खुद से ही करना होगा।' ये सारी चीजें प्रशासन की नाक के नीचे घटित हो रही हैं लेकिन मेरठ जोन के आईजी आलोक शर्मा का कहना है कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की ऐक्टिविटी को लेकर उन्हें कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को निश्चित तौर पर देखेंगे।

पूर्व पेशेवर पहलवान और मार्शल आर्टिस्ट अनिल यादव गाजियाबाद के बमहेता में एक अखाड़ा चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि काम अभी बंद नहीं होगा चाहे जो हो जाए। उन्होंने कहा कि हमलोग ज्यादातर कैंपों में अखाड़ा चला रहे हैं और यह अवैध नहीं है। अनिल ने कहा, 'हालांकि हमलोग कुछ कैंपों को गोपनीय तरीके से चलाने को प्राथमिकता देते हैं। हम नहीं चाहते कि पुलिस उन्हें बंद कर दे। मेरे स्टूडेंट्स कठोर व्यवस्था का पालन करते हैं। ये सभी मार्शल आर्ट में ट्रेंड हैं। इन्हें बंदूक चलाने की भी ट्रेनिंग दी जाती है। यदि एक बच्चा जानना चाहता है कि बंदूक कैसे चलती है तो हमलोग उसे ट्रेंड करते हैं। 6 महीने के भीतर स्टूडेंट्स की ट्रेनिंग पूरी हो जाती है और वे फिर अपना ट्रेनिंग कैंप शुरू कर देते हैं। दो सालों के भीतर हमलोगों ने 15,000 बच्चों को ट्रेनिंग दी है। कल्पना कीजिए कि पांच सालों के भीतर हम कितना कुछ पा लेंगे।

हिन्दू तपस्वी स्वामी नरसिंघानंद का विचार इनके लिए अहम है। मंदिर के सामने एक बोर्ड लगा है और उस पर लिखा है, 'यह तीर्थ हिन्दुओं का पवित्र स्थल है। मुसलमानों का प्रवेश वर्जित है। आदेश महंत बाबा नरसिंघानंद सरस्वती। एक दीपक त्यागी नाम के शख्स ने बताया, '1995 तक सरस्वती समाजवादी पार्टी के सदस्य थे। वह मुलायम सिंह के बड़े प्रशंसक थे। 20 साल पहले उनके समुदाय की एक महिला ने सेक्स रैकेट के मामले में खुदकुशी की थी। इस वाकये के बाद से इनकी निष्ठा बदली और एक तपस्वी हो गए। आज इनके हीरो वीर सावरकर हैं जिन्होंने 1923 में हिन्दुत्व टर्म को उछाला। अखिल भारत हिन्दू महासभा के नेता कमलेश तिवारी की विवादित टिप्पणी से पश्चिम बंगाल के मालदा में हिंसा भड़क गई थी। तिवारी भी सरस्वती का ही स्टूडेंट रहा है। सरस्वती का मानना है कि उत्तर प्रदेश में दारुल उलूम देवबंद का वैचारिक रूप से इस्लामिक स्टेट की तरह है। आईएस के खिलाफ उनकी लड़ाई शुरू हो गई है।

इस्लामिक स्टेट के प्रति अपनी नफरत को जाहिर करते हुए सरस्वती ने कहा, 'मेरा मानना है कि इस्लामिक स्टेट के अतिवाद का जवाब हिन्दुओं को भी देना चाहिए। आईएसआईएस का जवाब हम एक हिन्दू स्टेट से ही दे सकते हैं। हमलोग चाहते हैं कि उनके खिलाफ अतिवाद के लेवल तक हम भी पहुंचकर आग का जवाब आग से दें। मेरा मतलब यह नहीं है कि हम कोई आर्गेनाइजेशन बनाएं लेकिन हिन्दुओं की मदद हमारी मुख्य चिंता है। हम इसे जल्द ही हासिल करेंगे। हमलोग के पास पिस्टल है और उनके पास रॉकेट लॉन्चर है। हमें अच्छे हथियारों की जरूरत है ताकि हम अपनी आर्मी को अच्छी ट्रेनिंग दे सकें। आईएस इसलिए बड़ा बना क्योंकि लोकल बिजनस नेता इनकी मदद करते हैं। ऐसे में देश भर के हिन्दुओं को भी हमारी मदद करनी चाहिए।

सरस्वती ने कहा, 'हमने जनसपंर्क अभियान शुरू किया है। हर महीने हमलोग दो पंचायतों को संबोधित कर रहे हैं। एक पंचायत में मैंने अपने हिन्दू शेरों से कहा कि आप सब बहादुर बनिए और अपने हथियारों को हमेशा पास में रखिए। मुजफ्फरनंगर दंगों के दौरान हमलोगों ने हिन्दुओं के हथियार उठाने को कहा था। जिन नेताओं ने हिन्दुओं को बचाने का दावा किया वे सब झूठे हैं।' उन्होंने दीवार पर लिखे एक नारे को पढ़कर सुनाया- हिन्दू शेरों, शान से जीना है तो शान से मरना सीखो। मैं अपने लोगों को युद्ध के लिए तैयार कर रहा हूं। आने वाले वक्त में न तो राज्य सरकार और न ही नरेंद्र मोदी सिविल वॉर को रोक पाएंगे। अपने लोगों सुरक्षा के लिए लड़ते हुए मर जाना ज्यादा अच्छा है।

देवबंद पर हिन्दू स्वाभिमान की प्रतिक्रिया के बारे में दारुल उलूम देवंबद के वाइस चांसलर मौलाना अबुल कासिम नोमानी ने कहा, 'हमारा दरवाजा हमेशा खुला रहता है। यहां कोई भी आकर देख सकता है। हमारी सारी चीजें खुली किताबों की तरह हैं।'

http://navbharattimes.indiatimes.com/state/uttar-pradesh/meerut/15000-strong-dharma-sena-in-uttar-pradesh-readies-for-war-with-islamic-state/articleshow/50647423.cms

अधार्मिक विकास से शहर बन रहे है नरक

जीता-जागता नरक बनता जा रहा है गुरुग्राम: स्टडी गुरुग्राम गुरुग्राम में तेजी से हो रहे शहरीकरण और संसाधनों के दोहन को लेकर एक स्टडी ...